नैनीताल , जुलाई 21 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में हल्द्वानी की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में लंबित दो आपराधिक मामलों को देहरादून स्थित केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में स्थानांतरित करने के आदेश दिये हैं।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की एकलपीठ ने 17 जुलाई 2026 को स्थानांतरण आवेदन स्वीकार करते हुए ये आदेश पारित किये। आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई।

मामला हल्द्वानी सतर्कता द्वारा 08 अगस्त 2022 को दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। हाईकोर्ट के छह सितंबर 2023 के एक आदेश के अनुपालन में सीबीआई की एसीबी देहरादून ने इस मामले को आरसी0072023ए0008 के रूप में पुनः दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी।

सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र (अंतिम रिपोर्ट) 30 अप्रैल 2025 को देहरादून स्थित सीबीआई की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में दाखिल की जा चुकी है। यह अदालत सीबीआई द्वारा जांच किए गए मामलों की सुनवाई के लिए नामित है।

मामले में तत्कालीन उप वन संरक्षक एवं मंडल वन अधिकारी किशन चंद, तत्कालीन वन रेंज अधिकारी बृज बिहारी शर्मा, तत्कालीन कॉर्बेट टाइगर रिजर्व निदेशक राहुल, तत्कालीन उप वन संरक्षक एवं मंडल वन अधिकारी अखिलेश तिवारी, डिप्टी रेंजर मथुरा सिंह मावड़ी, वन दरोगा सुरेंद्र सिंह, वन रक्षक संदीप आर्य और दैनिक वेतनभोगी वायरलेस ऑपरेटर राजेश रावत समेत आठ आरोपियों के खिलाफ जांच की गई है।

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