धार , सितंबर 02 -- मध्यप्रदेश में धार जिले के बाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में करीब 45 से 46 लाख रुपये की नकदी की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के हेड कैशियर हितेश पिता रुमालसिंह निंगवाल, निवासी गड़बोरी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने वॉल्ट से धीरे-धीरे नकदी निकालकर कर्ज चुकाने में खर्च करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार शनिवार को कैशियर हितेश निंगवाल वॉल्ट की चाबी अपने साथ लेकर घर चला गया था और सोमवार को बैंक खुलने के बाद भी वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। इस पर बैंक प्रबंधन को संदेह हुआ। जिला कार्यालय से दूसरी चाबी मंगवाकर वॉल्ट खोला गया और नकदी का मिलान किया गया, जिसमें करीब 45 से 46 लाख रुपये की कमी पाई गई।
नकदी में कमी सामने आने के बाद बैंक का कामकाज प्रभावित रहा। बैंक के मुख्य द्वार पर लिंक बंद होने का पर्चा चस्पा कर ग्राहकों का प्रवेश रोक दिया गया। इसके बाद देर रात बैंक प्रबंधक मयूर दुबे ने थाना बाग पहुंचकर नकदी की कमी और कैशियर के चाबी लेकर चले जाने संबंधी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस पूछताछ में कैशियर ने बताया कि उसने करीब दो माह के दौरान धीरे-धीरे वॉल्ट से नकदी निकाली। वह रोज आने वाली नकदी में छोटे नोटों की गड्डियां आगे की ओर रख देता था, जिससे वॉल्ट में रकम अधिक दिखाई देती थी। इसके बाद वह पीछे से एक-दो गड्डियां निकालकर अपने साथ ले जाता था। इस तरह करीब दो माह में निकाली गई रकम 45 लाख रुपये से अधिक हो गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डॉवर ने बताया कि बैंक प्रबंधक की शिकायत पर थाना बाग में प्रकरण दर्ज कर कैशियर को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वॉल्ट में नकदी रखने का काम संभालता था और इसी दौरान थोड़ा-थोड़ा करके रकम निकालता रहा। उसने यह राशि अपनी उधारी और कर्ज चुकाने में खर्च की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने गबन की राशि किन-किन लोगों को दी है और उससे राशि की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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