कैमूर , अक्टूबर 31 -- बिहार के कैमूर जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामलों में मृतकों के आश्रितों को प्रतिमाह आठ-आठ हजार रुपये पेंशन देने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी ने दोनों मामलों में घटना की तिथि से पेंशन भुगतान की प्रशासनिक मंजूरी दी है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत पेंशन में पांच हजार रुपये मूल पेंशन तथा 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता के रूप में तीन हजार रुपये शामिल हैं। इस तरह प्रत्येक आश्रित को कुल आठ हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
पहला मामला चैनपुर थाना कांड संख्या 284/26 से संबंधित है। 17 जून 2026 को हुई घटना में मृत प्रिंस कुमार की आश्रित माता बिंदु देवी, पत्नी नब्बन गौंड को घटना की तिथि से पेंशन देने की स्वीकृति दी गई है। वह सिकंदरपुर गांव की निवासी हैं। इस मामले में मुआवजे की पहली किस्त के रूप में चार लाख 12 हजार 650 रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
वहीं, दूसरा मामला नुआंव थाना कांड संख्या 69/26 से जुड़ा है। पांच अगस्त 2026 को हुई घटना में मृत रविन्द्र कुमार की आश्रित पत्नी जयश्री पांडुरंग पालेकर को भी घटना की तिथि से आठ हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की मंजूरी दी गई है। इस मामले में मुआवजे की पहली किस्त के रूप में चार लाख 12 हजार 650 रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है।
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