चंडीगढ़ , जुलाई 14 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कैब चालकों को मंगलवार को सेक्टर-17/16 चौक की ओर मार्च करने से पहले पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बसों में बैठाकर सेक्टर-25 रैली ग्राउंड पहुंचा दिया। इस दौरान चालकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।

बाद में सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में कैब चालकों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि लंबे समय से शांतिपूर्ण धरना देने और कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है।

कैब ड्राइवर यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि यूनियन पिछले कई दिनों से सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में धरना दे रही है। सोमवार को चालक अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सेक्टर-17/16 चौक पर प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोककर बसों में बैठा लिया।

उन्होंने कहा कि कैब चालक अपने हक और रोजी-रोटी की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन प्रशासन लगातार उन्हें नजरअंदाज कर रहा है। अमनदीप सिंह ने बताया कि आंदोलन को समर्थन देने के लिए चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी और पंजाब कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग भी धरना स्थल पर पहुंच चुके हैं।

प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों के साथ-साथ वाहनों के रखरखाव का खर्च भी काफी बढ़ गया है। इसके बावजूद कैब किराया दरों में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं हुआ है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

चालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किराया दरों में बढ़ोतरी और अन्य लंबित मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो बड़ी संख्या में कैब चालक आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर होंगे।

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