लखनऊ , मई 4 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को यहां होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।

मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली इस बैठक में नई तबादला नीति को मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रस्ताव के मुताबिक, एक जिले में तीन वर्ष और एक मंडल में सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को तबादले के दायरे में लाया जाएगा। इस नीति के तहत 31 मई तक तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, आकांक्षी जिलों में किसी भी पद को रिक्त न रखने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रखने पर जोर रहेगा।

बैठक में राज्य कर्मचारियों को दो प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी का लाभ कर्मचारियों को जनवरी माह से दिया जा सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय संभव है। पश्चिम एशिया के हालात के चलते तारकोल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश में सड़कों के निर्माण की रफ्तार प्रभावित हुई है। ऐसे में पुराने टेंडरों में बढ़ी लागत को समायोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा, ताकि रुके हुए निर्माण कार्यों को फिर से शुरू किया जा सके।

इस बैठक को प्रदेश सरकार के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ विकास कार्यों को भी नई गति देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

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