चंडीगढ़ , सितंबर 04 -- हरियाणा से सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार के राजस्व प्रबंधन को लेकर कैग की ताजा रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कैग की वर्ष 2026 की अनुपालन लेखापरीक्षा रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 के दौरान 143 इकाइयों के अभिलेखों की नमूना जांच में 7,144 मामलों में 998.85 करोड़ रुपये के कम कर निर्धारण, कम वसूली अथवा राजस्व हानि का पता चला है। सरकार को प्रत्येक मामले की जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और सरकारी राजस्व की वसूली सुनिश्चित करनी चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि वैट/बिक्री कर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कार्य अनुबंध एवं निर्माण सेवाओं से जुड़े मामलों में 415.68 करोड़ रुपये तथा स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण फीस से संबंधित मामलों में 85.37 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभाव सामने आया है। परिवहन कर और सरकारी खजाने में राजस्व जमा करने से जुड़े मामलों में भी 8.17 करोड़ रुपये की राशि चिन्हित हुई है।

उन्होंने कहा कि आम नागरिक और व्यापारी समय पर कर जमा करते हैं, इसलिए सरकारी व्यवस्था में भी पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। सरकार बताए कि कैग द्वारा चिन्हित मामलों में अब तक कितनी राशि वसूली गई, कितने मामलों में विभागीय कार्रवाई शुरू हुई और कितने अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई।

सिरसा सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ दावे तभी प्रभावी माने जाएंगे, जब सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाली खामियों को दूर कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। सरकार को कैग की आपत्तियों पर समयबद्ध कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने निशु के पिता पर हमले के आरोपी के खिलाफ भी निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की और राजनीतिक संरक्षण के कथित आरोपों की जांच की बात कही।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित