चंडीगढ़ , मार्च 17 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सोमवार को अपनी सरकार का चार साल का "अचीवमेंट कार्ड" (उपलब्धि पत्र) पेश करने के एक दिन बाद मंगलवार को वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ताजा रिपोर्टों ने "उपलब्धियों के गुब्बारे की हवा निकाल दी है।"आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए श्री मजीठिया ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित कैग के निष्कर्ष, मुख्यमंत्री द्वारा किए गए दावों के बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने कहा, "जब भगवंत मान उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने में व्यस्त थे, तब कैग ने असलियत उजागर कर दी। रिपोर्ट झूठ नहीं बोलती और इसने पंजाब की वित्तीय स्थिति पर 'शून्य' की मुहर लगा दी है।"ऑडिट टिप्पणियों का हवाला देते हुए श्री मजीठिया ने कहा कि राज्य बढ़ते कर्ज, चौड़े होते राजकोषीय घाटे और बुनियादी वित्तीय मानदंडों के बार-बार उल्लंघन से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन के तहत पंजाब की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई है और सुधार के लिए कोई विश्वसनीय रोडमैप नहीं है। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों पर खर्च कम हो रहा है, जबकि उधारी तेजी से बढ़ रही है। सरकार विकासोन्मुखी क्षेत्रों में निवेश करने के बजाय नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए ऋण पर निर्भर है। उन्होंने टिप्पणी की, "पंजाब नेतृत्व से नहीं, बल्कि कर्ज से चलाया जा रहा है।"श्री मजीठिया ने कहा कि राज्य के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन, सब्सिडी और ब्याज भुगतान जैसी प्रतिबद्ध देनदारियों में जा रहा है। उन्होंने कहा, "जब बजट का अधिकांश हिस्सा पहले से ही तय खर्चों में चला जाता है, तो विकास के लिए बहुत कम बचता है। यह वित्तीय योजना की पूर्ण कमी को दर्शाता है।" कैग ने फंड के उपयोग में अक्षमता, वित्तीय प्रबंधन में अनियमितताओं और प्रमुख परियोजनाओं के खराब कार्यान्वयन को चिह्नित किया है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विशेष रूप से बिजली क्षेत्र में बढ़ते घाटे और शहरी शासन में कमियों की ओर भी इशारा किया।

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