दरभंगा , मई 12 -- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय के औषधीय रसायन विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. नेहा गर्ग ने कहा कि कैंसर स्टेम सेल्स ऐसी विशेष कोशिकाएं होती हैं, जो कैंसर के दोबारा विकसित होने, तेजी से फैलने तथा उपचार के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित "ब्लॉकिंग कैंसर एंड कैंसर स्टेम सेल्स" विषयक विशेष आमंत्रित व्याख्यान को संबोधित करते हुए डॉ. नेहा गर्ग ने अपने व्याख्यान में कैंसर एवं कैंसर स्टेम सेल्स की जटिल संरचना और कार्यप्रणाली को सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए बताया कि आधुनिक शोध एवं नवीन चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से यदि कैंसर स्टेम सेल्स को लक्षित कर उपचार विकसित किया जाए, तो कैंसर की पुनरावृत्ति की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि कैंसर उपचार की सबसे बड़ी चुनौती इन कोशिकाओं को प्रभावी रूप से नियंत्रित करना है।
डॉ. नेहा गर्ग ने कैंसर अनुसंधान में औषधीय रसायन विज्ञान की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई औषधियों एवं जैव-सक्रिय यौगिकों के विकास के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने विषय से संबंधित अनेक जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं, जिनका डॉ. नेहा गर्ग ने अत्यंत सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से समाधान किया। प्रतिभागियों ने इस व्याख्यान को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और शोधोन्मुख बताया।
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