वाराणसी , फरवरी 21 -- महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (एमपीएमएमसीसी) एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल (एचबीसीएच) ने अपना सातवाँ स्थापना दिवस मनाते हुए 'सेवा, शिक्षा और अनुसंधान' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। वर्ष 2019 में लोकार्पण के बाद से इन संस्थानों ने कैंसर उपचार एवं जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और प्रेरणादायी मानक स्थापित किए हैं।
स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत शनिवार को सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम से हुई, जबकि 22 फरवरी को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समारोह सम्पन्न होगा। इस अवसर पर संस्थान की स्थापना से अब तक की उपलब्धियों, तकनीकी नवाचारों, आधारभूत संरचना के विस्तार, मजबूत मरीज सेवाओं तथा अत्याधुनिक कैंसर निदान एवं उपचार सुविधाओं को रेखांकित किया गया।
सीएमई का उद्घाटन काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र के प्रथम 'महामना ओरेशन' में अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया। देशभर से आए चिकित्सकों, विशेषज्ञों एवं चिकित्सा पेशेवरों ने सम्मेलन में भाग लिया और ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में उभरती प्रगतियों पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य वक्ताओं में आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार, प्रसिद्ध कैंसर सर्जन डॉ. हरित चतुर्वेदी तथा टाटा स्मारक अस्पताल, मुंबई के पूर्व निदेशक डॉ. आर. ए. बडवे शामिल रहे।
एमपीएमएमसीसी एवं एचबीसीएच के निदेशक प्रो. सत्यजीत प्रधान ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है। स्थापना से अब तक लगभग 50 हजार के करीब आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज प्रदान किया गया है। अस्पताल के मेडिकल सोशल वर्क विभाग के माध्यम से विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी योजनाओं के तहत इन मरीजों को करीब 500 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में 6,307 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 27,731 हो गया। स्थापना के बाद अब तक कुल 1.5 लाख से अधिक नए मरीजों का पंजीकरण कर इलाज उपलब्ध कराया गया है। इस दौरान कुल 83,372 सर्जरी (बड़ी एवं छोटी), 19,706 रेडियोथेरेपी सत्र तथा 5,53,377 कीमोथेरेपी साइकिल पूर्ण की गईं।
कैंसर रोकथाम एवं जागरूकता के लिए सामुदायिक एवं अस्पताल-आधारित स्क्रीनिंग सेवाओं को मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 में कैंसर रोकथाम एवं स्क्रीनिंग विभाग ने विभिन्न अभियान चलाकर समुदाय, स्कूलों एवं कॉलेजों में कैंसर जोखिम के प्रति जागरूकता फैलाई। इस वर्ष की शुरुआत में जिला प्रशासन के सहयोग से 'ओरल कैंसर उन्मूलन कार्यक्रम' लागू करने की दिशा में बहु-क्षेत्रीय प्रयास जारी हैं।
तकनीकी क्षेत्र में संस्थान ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई। बढ़ते मरीजों के दबाव के बावजूद समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2025 में दो लिनियर एक्सेलेरेटर, एक रोबोटिक सर्जरी यूनिट तथा एक सीटी स्कैन मशीन सीएसआर के तहत प्राप्त हुईं। इन सुविधाओं से निदान प्रक्रिया तेज हुई, प्रतीक्षा अवधि घटी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार आया।
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