पटना, फरवरी 13 -- बिहार के स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय ने विधानसभा में शुक्रवार को कहा कि सरकार प्रदेश में कैंसर मरीजों के प्रति जागरूक है और विभिन्न इलाकों से मिली शिकायतों के बाद पानी मे आर्सेनिक और यूरेनियम की मात्रा से सम्बंधित शोध के लिए तीन बड़े चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों के एक विशेष समूह का गठन किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायक अख्तरुल ईमान के सीमांचल और पूरे प्रदेश में बढ़ते कैंसर मरीजों से सम्बंधित ध्यानाकर्षण का विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि बिहार सरकार ने स्टेट केंसर इंस्टीट्यूट इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर और महावीर केंसर संस्थान के विशेषज्ञों के एक कोर ग्रुप का गठन किया है जो कैंसर के कारणों में से एक आर्सेनिक और यूरेनियम सम्बंधित शोध करेगा।

श्री पांडेय ने श्री ईमान के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की तरफ से सीमांचल के सभी जिलों (अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज एवं सुपौल ) में कैंसर स्क्रीनिंग, डे-केयर कैंसर सेंटर, पॉलिएटिव केयर, बायोप्सी तथा कीमोथेरेपी की सुविधाएं उपलब्ध कर रही हैं। इन सभी जिलों में कॉल्पोस्कोपी मशीन भी कैंसर जाँच के लिए लगायी गई है। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क परामर्श, जांच तथा कैंसर की दवाईयां उपलब्ध करायी जा रही हैं। साथ ही, प्रारम्भिक स्तर पर कैंसर की पहचान एवं उपचार को सुदृढ़ करने के लिये नियमित स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन भी किया जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित