बैतूल , सितंबर 04 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के सारणी में कैंटीन संचालक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपी की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका गला कटा शव बोरी गांव के पास गन्ने की बाड़ी में मिला। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की कोशिश की आशंका जताई है, हालांकि मौत की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 38 वर्षीय दिलीप गौहिते के रूप में हुई है, जो पावर प्लांट में लेबर सप्लायर का काम करता था। उसने गुरुवार को गुलाबराव नामक कैंटीन संचालक पर चाकू से हमला कर उसका गला रेत दिया था। गंभीर रूप से घायल गुलाबराव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर भोपाल रेफर किया गया।
सारणी थाना प्रभारी जयपाल इवनाती के अनुसार दिलीप और गुलाबराव एक ही मोहल्ले में रहते थे और दोनों के बीच पहले से परिचय था। पुलिस के मुताबिक दिलीप की तीन शादियां हुई थीं और वर्ष 2022 में उसकी पत्नी घर से चली गई थी। इसके बाद उसे संदेह था कि गुलाबराव ने उसकी पत्नी को भगा दिया है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार गुरुवार दोपहर इसी विवाद के दौरान दिलीप ने गुलाबराव पर चाकू से हमला किया था। घटना के बाद सारणी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शुक्रवार को बोरी गांव के पास गन्ने की बाड़ी में ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को गला कटा और बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। सूचना पर आमला पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी पहचान दिलीप गौहिते के रूप में की। उसके पास से मोबाइल फोन भी मिला।
आमला थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर ने बताया कि दिलीप को गंभीर हालत में आमला से जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैंटीन संचालक पर हमला करने के बाद दिलीप गन्ने की बाड़ी तक कैसे पहुंचा और वहां उसके साथ क्या हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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