हैदराबाद , अप्रैल 25 -- तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शनिवार को मेडचल-मलकाजगिरी जिले के मुनीराबाद में आयोजित एक जनसभा में अपने नये राजनीतिक दल, "तेलंगाना राष्ट्र सेना (टी.आर.एस.)" की औपचारिक घोषणा की।
सुश्री कविता अपने समर्थकों और दल के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक रैली के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। नये राजनीतिक दल की औपचारिक घोषणा से पहले उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और 'तेलंगाना थल्ली' (मां तेलंगाना) की प्रतिमा तथा प्रसिद्ध विचारक प्रोफेसर जयशंकर को नमन किया।
सभा को संबोधित करते हुए सुश्री कविता ने "तेलंगाना राष्ट्र सेना" की घोषणा को "एक अविस्मरणीय दिन" बताया और बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं सहित तेलंगाना की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस दल के गठन का उद्देश्य तेलंगाना आंदोलन की अधूरी आकांक्षाओं को पूरा करना और पूरे राज्य में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है।
राज्य प्राप्ति के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उल्लेख किया कि भले ही तेलंगाना सामूहिक प्रयासों से हासिल किया गया था, लेकिन परिकल्पित लक्ष्य अभी भी अधूरे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में शासन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और समर्पित राजनीतिक कार्रवाई के माध्यम से उन कमियों को सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया।
सुश्री कविता ने कहा कि नया दल सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और जन-केंद्रित शासन पर आधारित तेलंगाना के निर्माण की दिशा में काम करेगा। उन्होंने महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया और राज्य प्राप्ति के आंदोलन के दौरान जमीनी भागीदारी जुटाने में तेलंगाना जागृति और बथुकम्मा आंदोलन के योगदान को याद किया।
अपने दल के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा सेवाओं जैसे कल्याणकारी उपायों को प्राथमिकता देने का वादा किया और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच हर नागरिक का अधिकार होना चाहिए, न कि कोई विशेषाधिकार। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीतियां हाशिये पर रहने वाले वर्गों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित होंगी।
सुश्री कविता ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुये आरोप लगाया कि केंद्र ने तेलंगाना के हितों की उपेक्षा की है और राज्य से संबंधित प्रमुख मुद्दों को हल करने में विफल रहा है। उन्होंने ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि यह जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है और न ही इसने गंभीर चिंताओं का प्रभावी ढंग से समाधान किया है।
सुश्री कविता ने कहा कि वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए संघर्षों को राजनीतिक शक्ति की आवश्यकता होती है और तेलंगाना राष्ट्र सेना एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिये प्रयास करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दल का गठन एक निश्चित उद्देश्य के साथ किया गया है और यह उन सामाजिक आंदोलनों की विरासत को आगे बढ़ाएगा जिन्होंने तेलंगाना के इतिहास को आकार दिया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित