मुंबई , अक्टूबर 28 -- िग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक के.सी. बोकाडिया ने अपने पारिवारिक धारावाहिक 'संस्कार' की सफलता का जश्न मीडिया के साथ केक काटकर मनाया। के.सी. बोकाडिया ने कहा कि धारावाहिक का उद्देश्य मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की अहमियत को घर-घर तक पहुंचाना है।

डीडी नेशनल पर सोमवार से शुक्रवार रात आठ बजे प्रसारित होने वाला धारावाहिक 'संस्कार' पारिवारिक रिश्तों, भारतीय परंपराओं और जीवन मूल्यों पर आधारित है। दर्शकों से मिल रही सराहना पर खुशी जताते हुए बोकाडिया ने कहा कि आज के दौर में परिवारों को जोड़कर रखना और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से परिचित कराना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, "यदि 'संस्कार' देखकर 10 प्रतिशत लोगों में भी परिवार के प्रति प्रेम और आदर जागता है, लोग संयुक्त परिवार की अहमियत समझते हैं और परिवार टूटने से बचता है, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी खुशी होगी। मैंने इसे बहुत दिल से बनाया है। इसे बनाने के पीछे पैसे कमाने का उद्देश्य नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रहा है।"बोकाडिया ने कहा कि दर्शक आज भी पुरानी फिल्मों और गानों को पसंद करते हैं, क्योंकि उनमें भारतीय परिवेश, संस्कृति और संस्कारों की झलक मिलती है। धारावाहिक 'संस्कार' भी दर्शकों को उन्हीं मूल्यों की याद दिलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक एपिसोड के बाद देश के विभिन्न राज्यों, शहरों और गांवों से सैकड़ों फोन कॉल और संदेश मिलते हैं। दर्शक धारावाहिक के संवाद, सिनेमैटोग्राफी, लोकेशन और कहानी की सराहना कर रहे हैं।

बीएमबी प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित इस मल्टीस्टारर पारिवारिक धारावाहिक की कहानी और निर्देशन के.सी. बोकाडिया ने किया है, जबकि इसके निर्माता राजेश बोकाडिया और के.सी. बोकाडिया हैं। धारावाहिक में दर्शन जरीवाला, जरीना वहाब, अमन वर्मा, मुग्धा गोडसे, राकेश बेदी, पंकज बेरी, महेश ठाकुर, सुप्रिया कार्निक और राजेश खेरा समेत तीन दर्जन से अधिक कलाकार अभिनय कर रहे हैं।

धारावाहिक की शूटिंग बनारस, जयपुर और कश्मीर की खूबसूरत लोकेशनों पर की गई है। इन स्थानों की सांस्कृतिक विविधता और पारिवारिक कहानी के जरिए दर्शकों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है। अपने टेलीविजन धारावाहिक 'सरदार - द गेम चेंजर' के बाद बोकाडिया 'संस्कार' के माध्यम से छोटे पर्दे पर अपनी रचनात्मक यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

'प्यार झुकता नहीं', 'तेरी मेहरबानियां', 'कुदरत का कानून', 'आज का अर्जुन', 'फूल बने अंगारे' और 'हम तुम्हारे हैं सनम' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले बोकाडिया के लिए 'संस्कार' महज एक धारावाहिक नहीं, बल्कि परिवारों को जोड़ने और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल है।

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