तिरुवनंतपुरम , अगस्त 22 -- कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने मंगलुरु सेंट्रल समेत कई अहम इलाकों को पलक्कड रेलवे मंडल से मैसूरु मंडल में स्थानांतरित करने के रेलवे बोर्ड के फैसले का कड़ा विरोध किया है।

श्री वेणुगोपाल ने इस कदम को बेहद आपत्तिजनक और ओणम के मौसम में केरल के लिए एक बड़ा झटका बताते हुए कहा कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ तत्काल चर्चा की और इस फैसले के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने मंत्री को सूचित किया है कि केरल के सभी सांसद मिलकर इस मुद्दे को उठायेंगे और इस कदम का जोरदार विरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि रेल मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि रेलवे मंडल के प्रस्तावित पुनर्गठन पर तत्काल रिपोर्ट मांगी जायेगी।

श्री वेणुगोपाल ने दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक से भी मुलाकात की, जो शनिवार को अलाप्पुझा में थे और इस प्रस्ताव के प्रति अपना कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मंगलुरु क्षेत्र, जिसमें पनामबूर बंदरगाह से जुड़ा रेल नेटवर्क भी शामिल है, पलक्कड मंडल के लिए राजस्व के प्रमुख स्रोतों में से एक है। उन्होंने कहा कि इसे हटाने से मंडल के कामकाज और वित्तीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ेगा।

श्री वेणुगोपाल के अनुसार मंगलुरु सेंट्रल केरल जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए एक प्रमुख उत्तरी टर्मिनल है। स्टेशन पर नियंत्रण खोने से ट्रेनों के समय-निर्धारण, प्लेटफॉर्म आवंटन और रखरखाव में गंभीर कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे मालाबार क्षेत्र के लिए आवश्यक नयी ट्रेन सेवाओं की शुरुआत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

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