पटना , अप्रैल 17 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि संविधान संशोधन बिल का लोकसभा में गिरना यह साबित करता है कि केवल बहुमत के बल पर जनभावनाओं और संवैधानिक मर्यादाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। श्री यादव ने आज एक्स पर कहा कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में संविधान बदलने के गलत इरादे से लाए गए संविधान संशोधन बिल का आज लोकसभा में गिरना प्रमाणित करता है कि बहुमत के बल पर जनभावना का गला घोंट, संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर, परिसीमन के नाम पर विपक्षी दलों के अधिकारों और क्षेत्रीय संतुलन को नहीं बिगाड़ा जा सकता है।

श्री यादव ने कहा कि विपक्ष की चट्टानी एकता ने आज फिर यह साबित कर दिया कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों, परंपराओं, जनतांत्रिक संरचना, संविधान और दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्गों की महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्री यादव ने कहा कि संविधान संशोधन बिल का गिरना दर्शाता है कि बिना सर्वदलीय आम सहमति और देश व्यापी विमर्श के, चालाकी से, अनमने से मन से राजनीतिक जल्दबाजी में लाए गए इस विधेयक के पक्ष में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पास ठोस नैतिक और संवैधानिक तर्क भी नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही सर्वसम्मति से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पुन: संशोधन के लिए विशेष संसद सत्र बुलाकर उसे पेश करना केवल और केवल विभिन्न राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए किया गया एक निम्नस्तर का पाखंड, प्रपंच और प्रोपेगेंडा था।

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