पटना, मई 27 -- बिहार में कृषि विभाग के निदेशक सौरभ सुमन यादव ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों, डिजिटल विपणन प्लेटफार्मों, सोशल मीडिया संचालकों एवं यूट्यूब चैनलों को निर्देश दिया है कि वह केवल पंजीकृत एवं वैध कीटनाशकों के प्रचार एवं बिक्री की अनुमति सुनिश्चित करें तथा किसी भी परिस्थिति में अपंजीकृत या संदिग्ध उत्पादों के प्रचार-प्रसार अथवा बिक्री को बढ़ावा नही दिया जाए।
कृषि निदेशक के निर्देशानुसार राज्य के किसानों, उपभोक्ताओं एवं पर्यावरण की सुरक्षा के मद्देनज़र नकली, संदिग्ध एवं अपंजीकृत कीटनाशकों की बिक्री एवं प्रचार-प्रसार पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग के संज्ञान में लगातार यह तथ्य आ रहा है कि विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनलों एवं अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए अपंजीकृत कीटनाशकों, फफूंदनाशकों, खरपतवारनाशकों एवं चूहानाशकों का अवैध रूप से प्रचार एवं विक्रय किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि देश एवं राज्य में केवल उन्हीं कीटनाशियों के निर्माण, भंडारण, वितरण एवं बिक्री की अनुमति है, जो कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत विधिवत पंजीकृत हैं। अपंजीकृत अथवा नकली कीटनाशकों का उपयोग किसानों की फसल, भूमि की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके अतिरिक्त किसानों को आर्थिक क्षति का भी सामना करना पड़ता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित