चंडीगढ़ , अगस्त 06 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित 'शिक्षा क्रांति' पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में विफल रही है।

उन्होंने कहा कि इस अवधि में केवल दो नये सरकारी स्कूल खोले गये, जबकि सात स्कूल बंद कर दिये गये, जो सरकार के दावों की वास्तविकता को उजागर करता है।

श्री ढिल्लों ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में करीब छह लाख विद्यार्थियों की संख्या घटने और हजारों शिक्षकों के पद रिक्त होने से स्पष्ट है कि सरकार की शिक्षा क्रांति केवल विज्ञापनों और प्रचार तक सीमित रह गयी है। उन्होंने कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार राज्य के सरकारी स्कूलों में 31,370 शिक्षकों के पद खाली हैं। इसके अलावा सरकारी कॉलेजों में 2,424 प्राध्यापकों की कमी है, जबकि पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन करीब छह लाख कम हुआ है। भाजपा नेता ने कहा कि पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समय पर भर्ती करने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के बजाय महंगे प्रचार अभियानों के जरिए तथाकथित 'दिल्ली मॉडल' को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान दिया।

श्री ढिल्लों ने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार सोशल मीडिया अभियानों या करोड़ों रुपये के विज्ञापनों से नहीं, बल्कि योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, बेहतर बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक नीतिगत सुधारों से संभव है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षकों की भारी कमी, बार-बार होने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और बिगड़ते शैक्षणिक माहौल जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के विद्यार्थियों को प्रचार आधारित नहीं, बल्कि पारदर्शी, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।

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