रायगढ़ , मई 14 -- केंद्र सरकार के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग के सचिव व्ही. एल. कांता राव ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में संचालित स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव केलो परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा परियोजना से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे। केंद्रीय सचिव ने डैम क्षेत्र का दौरा कर निर्माण और विस्तार कार्यों का जायजा लिया तथा डैम परिसर में पौधरोपण भी किया।
निरीक्षण उपरांत मीडिया से चर्चा में कांता राव ने कहा कि देशभर की 100 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में केलो परियोजना उल्लेखनीय कार्य करने वाली योजनाओं में गिनी जा रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना के विस्तार के लिए भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिसके कुछ हिस्सों का कार्य अभी शेष है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि चालू वर्ष के अंत तक अधिकांश लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, जबकि शेष कार्य चरणबद्ध तरीके से आगामी समय में पूर्ण होंगे।
जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए केंद्रीय सचिव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच हुए समझौतों के बाद अधूरे पेयजल कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत में भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, इसलिए जल संरक्षण और जल संचयन को लेकर विशेष प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने महानदी जल विवाद के संबंध में कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच चल रहे मामले के निराकरण के लिए ट्रिब्यूनल गठित किया गया है और अंतिम निर्णय उसी के माध्यम से लिया जाएगा।
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