नयी दिल्ली , जुलाई 09 -- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा शनिवार को हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के केलांग में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उच्च हिमालयी चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास करेंगे।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यह भारत का पहला समर्पित अनुसंधान केंद्र होगा, जो उच्च हिमालयी क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और पर्वतीय चिकित्सा पर केंद्रित अनुसंधान करेगा। आईसीएमआर के मौजूदा फील्ड स्टेशन को उन्नत कर इसे बहुविषयक अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में अधिक ऊंचाई, प्रतिकूल मौसम, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य सेवाओं के सामने विशेष चुनौतियां हैं। नया केंद्र उच्च हिमालयी शरीर क्रिया विज्ञान, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु-संवेदनशील एवं उभरते रोग, संक्रामक और गैर-संचारी रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा आपदा चिकित्सा जैसे विषयों पर अनुसंधान करेगा। साथ ही, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक समाधान विकसित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस केंद्र में आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति प्रणाली और रियल-टाइम जन स्वास्थ्य निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। यह केंद्र उच्च हिमालयी और जनजातीय आबादी पर दीर्घकालिक स्वास्थ्य अध्ययन तथा क्षेत्रीय अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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