तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 07 -- केरल विधानसभा चुनावों से पहले, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पी. विजयन को एक खुला पत्र लिखकर उनसे शासन, कथित राजनीतिक मिलीभगत और पिछले दशक के प्रमुख विवादों के बारे में 10 तीखे सवाल पूछे हैं।
श्री वेणुगोपाल ने इस पत्र को जन चिंताओं का प्रतिबिंब बताते हुए कहा कि केरल में एक और चुनाव होने जा रहा है इसलिए मुख्यमंत्री विजयन के 10 साल के कार्यकाल के कई अनसुलझे मुद्दे अभी भी लोगों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री राज्य के सामने मौजूद सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर देंगे।
कांग्रेस नेता के सवाल मुख्य रूप से राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बीच कथित समझौतों पर केंद्रित हैं। उन्होंने श्री विजयन की नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठकों, विशेष रूप से अधिकारियों की अनुपस्थिति में हुई बैठकों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा और पूछा कि क्या उन मुलाकातों के दौरान कोई राजनीतिक समझौता हुआ था।
श्री वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई कई बैठकों का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि क्या दिल्ली के बाहर कोई अनौपचारिक बैठकें हुईं और क्या वे गुप्त समझौतों से जुड़ी थीं।
पत्र में उठाया गया एक प्रमुख मुद्दा केरल में पीएम श्री योजना का कार्यान्वयन है। श्री वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने एलडीएफ की प्रमुख सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विरोध के बावजूद योजना को आगे बढ़ाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह गठबंधन सहयोगियों को दरकिनार करते हुए भाजपा के साथ गुप्त समझौते का संकेत देता है।
उन्होंने केंद्र के श्रम कानूनों को लेकर राज्य सरकार के रवैये की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सहयोगियों से परामर्श किए बिना गुप्त रूप से निर्णय लिए गए। उन्होंने ट्रेड यूनियन पंजीकरण शुल्क में भारी वृद्धि को नीतिगत बदलावों के सबूत के रूप में पेश किया, जिसके लिए स्पष्टीकरण की आवश्यकता थी।
कानूनी मामलों पर, श्री वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री से जुड़े एसएनसी-लावालिन मामले में लंबे समय से हो रही देरी पर प्रकाश डाला और सवाल उठाया कि क्या उच्चतम न्यायालय में बार-बार होने वाले स्थगन राजनीतिक विचारों से जुड़े थे। उन्होंने श्री विजयन पर व्यक्तिगत या राजनीतिक कारणों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना रुख नरम करने का भी आरोप लगाया।
पत्र में एक्सालॉजिक केस का भी उल्लेख किया गया और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय द्वारा की जा रही जांच में बाधा डालने के कथित प्रयासों के साथ-साथ कोडकारा हवाला मामले से संभावित संबंध और मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए।
इसके अलावा, श्री वेणुगोपाल ने एडीजीपी एम.आर. अजित कुमार के खिलाफ लगे आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की जिनमें आरएसएस नेताओं से संबंध और त्रिशूर पूरम में कथित व्यवधान के आरोप शामिल हैं। उन्होंने आध्यात्मिक नेता श्री एम और भाजपा नेताओं के बीच हुई कथित बैठकों का भी जिक्र किया और पूछा कि क्या कोई समझौता हुआ था।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के पूर्व शीर्ष अधिकारियों से जुड़े सोने और डॉलर की तस्करी के मामलों की जांच रुकी हुई प्रतीत होती है और उन्होंने राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति वी.के. मोहनन आयोग पर अपडेट जानकारी मांगी।
पत्र के अंत में श्री वेणुगोपाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इस बात पर बल दिया कि केरल की जनता इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब पाने की हकदार है क्योंकि राज्य एक महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबला होने जा रहा है।
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