नीलांबुर (केरल) , सितंबर 20 -- नीलांबुर उत्तर संभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पी. धनीश कुमार के तबादले से 657.8708 हेक्टेयर वन भूमि पर कथित अतिक्रमण की विशेष जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह जांच फिलहाल महत्वपूर्ण चरण में बतायी जा रही है।
श्री कुमार के तबादले के बाद के.के. सुनीलकुमार को नया डीएफओ नियुक्त किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, श्री कुमार जब देहरादून में आधिकारिक प्रशिक्षण ले रहे थे, उसी दौरान उनके तबादले का आदेश जारी किया गया। वह प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अक्टूबर में लौटने वाले थे।
यह तबादला इसलिए भी ध्यान खींच रहा है क्योंकि पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कथित वन भूमि अतिक्रमण, अनधिकृत पट्टे जारी करने, अवैध उत्खनन और खनन, पेड़ों की अवैध कटाई, वन्यजीव अपराध तथा भ्रष्टाचार की शिकायतों की भी जांच चल रही है।
तबादले के आदेश में इसके कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है या इसका उन जांचों से कोई संबंध है, जिन्हें संबंधित अधिकारी देख रहे थे।
तबादले पर सवाल उठाने वालों ने सरकार से इसके प्रशासनिक कारण स्पष्ट करने और यह बताने की मांग की है कि इसका चल रही जांच से कोई संबंध है या नहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारी बदलने से किसी भी जांच या कानूनी कार्रवाई पर असर नहीं पड़ना चाहिए और सभी लंबित जांच बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए।
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