तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 24 -- केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने गर्मी के मौसम के दौरान 'अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस' के मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। उन्होंने नागरिकों से जल स्रोतों का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी है कि दूषित पानी में नहाने या चेहरा धोने से कड़ाई से बचा जाना चाहिए, क्योंकि यह संक्रमण असुरक्षित और खराब रखरखाव वाले जलाशयों से जुड़ा है। सरकारी विभागों को सार्वजनिक स्थानों पर पानी की गुणवत्ता की निगरानी तेज करने और कुओं, भंडारण टैंकों तथा स्विमिंग पूल की नियमित सफाई और क्लोरीनीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह बीमारी 'नेगलेरिया फाउलेरी', जिसे अक्सर "ब्रेन-ईटिंग अमीबा" कहा जाता है, और 'एकैंथअमीबा' जैसे सूक्ष्म जीवों के कारण होती है। ये जीव गर्म और ठहरे हुए पानी में पनपते हैं और नाक के जरिए मानव शरीर में प्रवेश कर सीधे मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने आगाह किया है कि अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, उल्टी, गर्दन में अकड़न और बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह बीमारी तेजी से घातक रूप ले सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को संदिग्ध मामलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इस संक्रमण की वैश्विक मृत्यु दर 90 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन केरल ने शीघ्र पहचान और विशेष उपचार के माध्यम से इसे घटाकर लगभग 24 प्रतिशत करने में सफलता पाई है।
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