तिरुवनंतपुरम , मई 30 -- केरल सरकार समुद्री संसाधनों की सुरक्षा और मछली प्रजनन को बढ़ावा देने के मकसद से 9 जून की आधी रात से 31 जुलाई की आधी रात तक 52 दिनों का वार्षिक 'ट्रॉलिंग प्रतिबंध' लागू करेगी जिसमें पारंपरिक मछुआरों को छूट मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि यह ट्रॉलिंग प्रतिबंध मशीनीकृत नौकाओं पर लागू होगा।

मत्स्य विभाग के अनुसार यह वार्षिक मानसून ट्रॉलिंग प्रतिबंध मछली के भंडार को उनके प्रजनन के मुख्य मौसम के दौरान संरक्षित करने और समुद्री मत्स्य पालन की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के मकसद से लगाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून मछली के प्रजनन के लिए आदर्श है, जिससे ट्रॉलिंग कार्यों के कारण मछली के अंडों, छोटी मछलियों और प्रजनन करने वाली मछलियों के नष्ट होने से रोकना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

विभाग ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक मछुआरों पर इस प्रतिबंध का कोई असर नहीं पड़ेगा और वे राज्य के तटीय जल में अपनी गतिविधियां जारी रख सकते हैं।

सरकार मशीनीकृत मछली पकड़ने वाले जहाजों पर निर्भर श्रमिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय कर रही है ताकि प्रतिबंध की अवधि के दौरान प्रभावित मछुआरों, संबंधित श्रमिकों और मछली छीलने वाले श्रमिकों को मुफ्त राशन की आपूर्ति की जा सके।

ट्रॉलिंग प्रतिबंध के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। तटीय जिलों में जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में जिला-स्तरीय समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित