तिरुवनंतपुरम , मई 17 -- केरल में शिवगिरि मठ के अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद ने रविवार को मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी. डी. सतीशान से नए यूडीएफ मंत्रिमंडल में मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आग्रह किया और शिवगिरि मठ एवं श्री नारायण संगठनों से जुड़े विधायकों को मंत्री बनाने की मांग की।

तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक बैठक में, स्वामी सच्चिदानंद ने अनुरोध किया कि शिवगिरि मठ और उससे संबद्ध श्री नारायण संगठनों से जुड़े तीन या चार विधायकों को नए मंत्रिमंडल में मंत्री पद देने पर विचार किया जाए, जिसमें उन्होंने उनके संगठनात्मक जुड़ाव एवं चुनावी जनादेश पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि श्री नारायण संगठनों से जुड़े यूडीएफ के नौ विधायकों ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है और कहा कि उनमें से योग्य लोगों को मंत्रिपरिषद में जगह देनी चाहिए।

शिवगिरि मठ ने विभिन्न पिछड़े समुदायों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया और उनके कल्याण एवं विकास के लिए एक समर्पित मंत्रालय के गठन का प्रस्ताव रखा। इसमें कहा गया कि केरल के 42 पिछड़े समुदायों को सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए शासन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है।

स्वामी सच्चिदानंद ने आगे कहा कि एझवा, धीवर, विश्वकर्मा और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति राज्य की आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं लेकिन निर्णय लेने वाले पदों पर उनका प्रतिनिधित्व बहुत सीमित है।

शिवगिरि मठ ने कहा कि ये चर्चाएं सोमवार को होने वाले नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले मंत्रिमंडल गठन, पद आवंटन एवं सामाजिक संतुलन को लेकर यूडीएफ नेतृत्व में गहन विचार-विमर्श के बीच हो रही हैं।

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