तिरुवनंतपुरम , अगस्त 02 -- मौसम विभाग ने रविवार को केरल के लिए बारिश की चेतावनी में सुधार करते हुए 12 जिलों में पहले से घोषित 'येलो अलर्ट' को 'ऑरेंज अलर्ट' में बदल दिया है। राज्य में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

आईएमडी के पांच दिनों के वर्षा पूर्वानुमान के अनुसार, 02 अगस्त को पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का इन ज़िलों में कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश (24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी) बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफ़ान का भी अनुमान है।

आईएमडी ने पांच अगस्त को कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसके तहत कुछ जगहों पर 24 घंटों के दौरान 64.5 मिमी से 115.5 मिली तक तेज बारिश होने और साथ ही आंधी-तूफान एव बिजली चमकने का अनुमान है।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक विस्तृत परामर्श जारी करते हुए भूस्खलन, अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों के निवासियों से अपील की है कि अधिकारी के निर्देश पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। पहाड़ी ढलानों के पास रहने वालों को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और मलबे का बहाव हो सकता है।

नदी किनारे, निचले इलाकों और बांधों के निचले बहाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और ज़िला प्रशासन के निर्देश मिलने पर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है।

इस दौरान तेज़ हवाएं चलने की भी आशंका है इसलिए जर्जर घरों या कमज़ोर छतों वाले मकानों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा सुरक्षित आश्रयों में चले जाने की सलाह दी गई है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली के खंभे गिर सकते हैं और होर्डिंग्स या अस्थिर संरचनाएं गिर सकती हैं, जिससे जनता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसी खतरनाक परिस्थितियों की तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें। स्थानीय निकायों, संस्थानों और निजी संपत्ति के मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे खतरनाक रूप से झुके हुए पेड़ों, बिजली के खंभों, साइनबोर्ड, कंपाउंड की दीवारों और अन्य जोखिम वाली संरचनाओं को सुरक्षित करें और जोखिम कम करने के लिए जहां ज़रूरी हो, पेड़ों की छंटाई करें।

केएसडीएमए ने बताया कि केरल के सभी ज़िलों में 24 घंटे काम करने वाले तालुक और ज़िला कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। आपातकालीन स्थिति का सामना कर रहे या मदद की ज़रूरत वाले लोग टोल-फ़्री आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 और 1077 पर संपर्क कर सकते हैं। इसी बीच, भारतीय राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र ने कन्नूर और कासरगोड तटों के लिए उच्च लहर की चेतावनी जारी की है। दो अगस्त शाम 5.30 बजे तक वालपट्टणम से न्यू माहे और कुंजाथुर से कोट्टाकुन्नु तक के तटीय क्षेत्रों में 3.0 मीटर से 3.5 मीटर की ऊंची लहरें आने की आशंका है, जिससे समुद्र में प्रवेश और तटीय कटाव का जोखिम बढ़ सकता है।

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