तिरुवनंतपुरम , जुलाई 05 -- मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान केरल में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है और उत्तरी केरल के कुछ हिस्सों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' तथा कई अन्य जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों ने जनता से अत्यधिक सतर्क रहने का आग्रह किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे के भीतर 115.6 मिलीमीटर से 204.4 मिलीमीटर तक की अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए छह जुलाई को कन्नूर व कासरगोड के लिए तथा सात जुलाई को कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।

वहीं, 24 घंटे में 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर के बीच भारी बारिश के आसार के चलते पांच जुलाई को त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है।

इसके अलावा छह जुलाई को एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड; सात जुलाई को एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और वायनाड; आठ जुलाई को एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड तथा नौ जुलाई को कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए भी 'येलो अलर्ट' जारी रहेगा।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने भूस्खलन, मिट्टी धंसने और अचानक आने वाली बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देश मिलते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही, नदियों के तटीय इलाकों और बांधों के निचले क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों से भी चौकस रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय निकायों व राजस्व अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर दिन के उजाले में ही राहत शिविरों में पहुंचने का आग्रह किया गया है।

तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर कमजोर मकानों या अस्थायी छत वाले घरों के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और आवश्यकतानुसार सुरक्षित आश्रयों में जाने की सलाह दी गई है। जनता को उखड़े हुए पेड़ों, बिजली के खंभों और क्षतिग्रस्त होर्डिंग्स से होने वाले खतरों के प्रति भी आगाह किया गया है।

प्रशासन ने भारी बारिश के दौरान नदियों को पार करने या नहाने, मछली पकड़ने व अन्य गतिविधियों के लिए जलाशयों में उतरने पर पूरी तरह रोक लगाई है। लोगों को पर्यटन अथवा सेल्फी लेने के लिए नदियों और जलाशयों के पुलों पर भीड़ न लगाने की भी चेतावनी दी गई है।

केएसडीएमए ने जनता से मूसलाधार बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्राओं से बचने और मौसम साफ होने तक झरनों, जलाशयों तथा पर्वतीय पर्यटन स्थलों की यात्राएं टालने की अपील की है। वाहन चालकों से जलस्रोतों के पास की सड़कों और निर्माणाधीन रास्तों पर अत्यधिक सावधानी बरतने तथा जलभराव या उफनती सड़कों पर गाड़ी न चलाने को कहा गया है।

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