त्रिशूर , जुलाई 14 -- केरल में असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (केएएपीए) के तहत जेल में बंद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद आर सुगाथन ने मंगलवार को वियूर केन्द्रीय कारागाह में शपथ ली।

वह राज्य के ऐसे पहले चुने हुए प्रतिनिधि बन गए हैं जिन्होंने जेल के अंदर से पद की शपथ ली। केरल उच्च न्यायालय के एक विशेष आदेश के बाद, तिरुवनंतपुरम के महापौर वी.वी. राजेश ने जेल के लाइब्रेरी हॉल में उन्हें शपथ दिलाई। पांच मिनट के इस समारोह में केवल निगम सचिव , जेल अधिकारी और अन्य अधिकृत कर्मचारी ही शामिल हुए, जिसके बाद सुगाथन को वापस उनकी कोठरी में ले जाया गया।

उच्च न्यायालय ने यह देखते हुए कि मतदाताओं के लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान और सुरक्षा की जानी चाहिए, निर्देश दिया था कि शपथ जेल के अंदर ही दिलाई जाए।

उच्च न्यायालय द्वारा सुगाथन और तिरुवनंतपुरम निगम के 19 अन्य पार्षदों द्वारा पहले ली गई शपथ को अमान्य घोषित करने के बाद सुगाथन को दोबारा शपथ लेनी पड़ी। उनकी पिछली शपथ को इसलिए रद्द कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने कानून द्वारा निर्धारित तरीके के बजाय देवी-देवताओं, शहीदों और भारत माता के नाम पर शपथ ली थी।

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