तिरुवनंतपुरम , मई 31 -- केरल सरकार दो जून से 'ऑपरेशन तूफान : द नार्को हंट' नाम से दक्षिण भारत का सबसे बड़ा नशा-विरोधी अभियान शुरू कर रही है।

ऑपरेशन तूफान का मुख्य मकसद राज्य में विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मादक पदार्थों के वितरण नेटवर्क और ड्रग सिंडिकेट का आमूल-चूल उन्मूलन है।

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने पदभार संभालने के तुरंत बाद इस पहल की घोषणा की थी। यह संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। इस अभियान में नशीले पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ बड़े पैमाने पर जन जागरूकता और भागीदारी अभियान भी शामिल है। इसका उद्देश्य खासकर युवाओं के बीच नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना है।

इस ऑपरेशन का लक्ष्य तकनीकी उपायों और कई सरकारी विभागों के आपसी तालमेल से की गई कार्रवाई के माध्यम से सिंथेटिक नशीले पदार्थों के तेजी से फैलने पर रोक लगाना है। केरल पुलिस जांच के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करेगी और नशीले पदार्थों के तस्करों की पहचान करने, उन पर नजर रखने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए दक्षिण भारतीय राज्यों के गृह विभागों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। अधिकारी नशीले पदार्थों के इस्तेमाल और वितरण के बारे में जानकारी जुटाने को मजबूत बनाने के लिए एक डिजिटल इंटेलिजेंस नेटवर्क स्थापित करने की भी योजना बना रहे हैं।

इस अभियान के तहत सरकार एक व्यापक डिजिटल निगरानी प्रणाली शुरू करेगी। इसमें मोबाइल ऐप और व्हाटसएप चैटबॉट शामिल होंगे, जिनके जरिए नागरिक नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की गुमनाम रूप से शिकायत कर सकेंगे। नशीले पदार्थों के मुख्य केंद्रों की पहचान करने के लिए शिक्षण संस्थानों और रिहायशी इलाकों में गंदे पानी की जांच जैसे नए उपाय और ड्रोन की मदद से स्मार्ट गश्त करने की भी योजना बनाई जा रही है।

इस पहल में स्कूलों में नशा-विरोधी विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने और नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का भी प्रस्ताव है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को एक व्यापक जन आंदोलन में तब्दील करना है, जिसमें छात्र, अभिभावक, शिक्षण संस्थान और स्थानीय समुदाय शामिल हों।

केरल पुलिस उन गिरोहों के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज करेगी, जिन पर बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों का निशाना बनाने का आरोप है। नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों, बेचने वालों, आपूर्ति करने वालों और बढ़ावा देने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस ऑपरेशन का मुख्य जोर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर काम करते हुए राज्यों के बीच फैले नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने पर होगा। हाइब्रिड भांग सहित रासायनिक और सिंथेटिक नशीले पदार्थों की आमद को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित