तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 07 -- केरल सरकार पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने और किसानों को कार्बन क्रेडिट के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम बनाने के लिए कृषि विभाग के तहत एक 'कार्बन सेल' का गठन करेगी।
कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने बुधवार को यह घोषणा की।
विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से क्रियान्वित की जा रही 'केरा' परियोजना की समीक्षा करने केरल आई विश्व बैंक की टीम के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद श्री सिद्दीकी ने बताया कि विश्व बैंक ने इस कार्बन सेल के प्रस्ताव पर अपनी सहमति व्यक्त कर दी है और आने वाले महीनों में इसे स्थापित करने के लिए संयुक्त प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट तंत्र से न केवल किसानों को पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि इससे कृषि क्षेत्र में कार्बन अवशोषण बढ़ेगा और किसानों के लिए कमाई के नये अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने तथा राज्य के कृषि क्षेत्र की स्थिति सुधारने के लिए केरा परियोजना को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि केरा परियोजना के माध्यम से केरल के कृषि क्षेत्र के लिए 2,365 करोड़ रुपये की विशाल राशि उपलब्ध करायी जायेगी। चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में इस कोष का अधिक कुशल और त्वरित उपयोग सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में कृषि क्षेत्र के समग्र कायाकल्प के लिए नारियल की खेती के रकबे और उत्पादकता में सुधार, कृषि विपणन सुदृढ़ीकरण, किसान उत्पादक संगठनों का सशक्तीकरण और मूल्य श्रृंखलाओं का विकास, कृषि विभाग का पूर्ण डिजिटलीकरण, 'स्मार्ट कृषि भवन' का निर्माण और अवाकाडो, मुथलमदा आम और एलावंचेरी हाई-टेक खेती पर चर्चा की गयी।
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