कोझिकोड , मई 11 -- केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) के दूसरे सबसे बड़े घटक दल, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में देरी पर चिंता जतायी है और एक सप्ताह की देरी के कारण राजनीतिक परिणामों की चेतावनी दी है।

मलप्पुरम में मीडिया से बात करते हुए, आईयूएमएल के यहां के जिला महासचिव पी अब्दुल हमीद ने कहा कि इस देरी से व्यापक निराशा हो रही है और लोग 'शादियों और जनाजों तक में' नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हर तरफ असंतोष है। हम जहां भी जा रहे हैं, चाहे वह शादी समारोह हों या जनाजे, लोग केवल यही मुद्दा उठा रहे हैं।"श्री अब्दुल हमीद ने कहा कि जीत का जश्न रुक गया है और नवनिर्वाचित विधायकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस अनिश्चितता को लेकर मतदाताओं के गुस्से से बचने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहें। उन्होंने कहा, "कई जगहों पर जीत का जश्न नहीं मनाया जा रहा है। ऐसी स्थितियां बन गयी हैं, जहां बढ़ते असंतोष के कारण निर्वाचित विधायकों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल न होने की सलाह दी जा रही है।"उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री पर फैसला जल्द ही लिया जायेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस नेतृत्व इस बात को समझेगा।" उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में निरंतर देरी उन जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरायेगी, जिन्होंने यूडीएफ की 'प्रचंड जीत' के लिए काम किया था।

केरल को राजनीतिक रूप से उत्तर भारतीय राज्यों से अलग बताते हुए श्री अब्दुल हमीद ने इस बात पर जोर दिया कि केरल के 'राजनीतिक रूप से जागरूक' मतदाता सरकार गठन में लंबे समय तक होने वाली देरी को स्वीकार नहीं करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में नयी दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद भी केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन पर अनिश्चितता बनी हुई है। गत शनिवार को हुई मैराथन चर्चाओं के बावजूद, कांग्रेस आलाकमान ने अभी तक मुख्यमंत्री के नाम को अंतिम रूप नहीं दिया है।

भाजपा सहित विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इस देरी को मतदाताओं का 'घोर अनादर' करार दिया है।

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