तिरुवनंतपुरम , मई 24 -- केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रतन केलकर को नवनियुक्त मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव बनाये जाने पर राज्य में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाये हैं।
माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य पी राजीव ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव के ठीक बाद इस तरह की नियुक्ति पूरी चुनावी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाती है।
श्री राजीव ने कहा, "केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन केलकर को नवनियुक्त मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया जाना राज्य में कराये गये चुनावों की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगाता है।"पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने भी ऐसी ही प्रशासनिक नियुक्ति की थी। इसकी आलोचना कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने की थी। उस पुराने बयान का हवाला देते हुए माकपा नेता ने पार्टी के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाया। श्री राजीव ने पूछा, "बंगाल में राहुल गांधी ने कहा था कि 'जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम'।
अब इस पर कांग्रेस की क्या राय है?" उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से रुख साफ करने की मांग की।
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