तिरुवनंतपुरम , सितंबर 20 -- केरल में रणनीतिक रक्षा, नौसेना, पोत निर्माण और अंतरिक्ष प्रतिष्ठानों से जुड़े सुरक्षा संबंधी घटनाक्रमों की एक शृंखला ने राज्य में संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर कर्मचारियों के सत्यापन, प्रवेश नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को लेकर फिर से ध्यान खींचा है।

ताजा मामला 32 वर्षीय बंगलादेशी नागरिक की गिरफ्तारी का है, जिसने कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे कन्नूर के एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) के लॉन्ड्री विभाग में करीब एक साल तक अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के पास बिप्लब सोरेन के नाम से बना फर्जी आधार कार्ड था। उसने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद पुलिस द्वारा जारी किया गया बताया जाने वाला पुलिस क्लीयरेंस प्रमाणपत्र भी पेश किया था। नौसेना अधिकारियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ और पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे उसके बंगलादेशी नागरिक होने के संकेत मिले। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए पय्यन्नूर पुलिस को सौंप दिया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच में उसकी पहचान, भारत में प्रवेश करने की परिस्थितियों और नौसेना अकादमी में उसे नौकरी कैसे मिली, इसका पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने यह संकेत नहीं दिया है कि उसने किसी गोपनीय जानकारी तक पहुंच हासिल की थी। अकादमी के भीतर उसकी ड्यूटी की वास्तविक प्रकृति की भी जांच की जा रही है।

एझिमाला में गिरफ्तारी से कुछ समय पहले कन्नूर पुलिस ने पांच बंगलादेशी महिलाओं को भी गिरफ्तार किया था। उन पर बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के जिले में रहने और काम करने तथा कथित तौर पर फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का संदेह है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिलाएं भारत में कैसे दाखिल हुईं और उन्होंने दस्तावेज कैसे हासिल किये।

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