तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 26 -- भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को केरल के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।
इसके अलावा, आठ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भी खराब मौसम बने रहने के आसार है।
पथानामथिट्टा, इडुक्की, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में 26 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड और वायनाड जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी ने 27 अक्टूबर के लिए तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, इडुक्की, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है और कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है।
प्रशासन ने भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग, जहां भूस्खलन, मिट्टी धंसने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा है, उन्हें एहतियाती कदम उठाने चाहिए। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले लोग, जहां जलभराव का खतरा है, उन्हें स्थिति का जायजा लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों में चले जाना चाहिए।
जिन लोगों के घरों की बनावट कमजोर है या छतें असुरक्षित हैं, उन्हें तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक और निजी जगहों पर मौजूद खतरनाक पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग और दीवारों को सुरक्षित किया जाना चाहिए, और किसी भी संभावित खतरे की जानकारी प्रशासन को देनी चाहिए।
आम जनता को नदियों या अन्य जल निकायों में जाने से मना किया गया है, चाहे वह नहाने, मछली पकड़ने या किसी अन्य गतिविधि के लिए हो। जब तक बारिश की चेतावनी वापस नहीं ले ली जाती, तब तक झरनों, जल निकायों और पहाड़ी इलाकों में जाने से बचें। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे जल निकायों के ऊपर बने पुलों पर खड़े होकर नज़ारे न देखें, सेल्फी न लें और न ही वहां भीड़ लगाएं।
वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को जल निकायों के पास की सड़कों और मरम्मत कार्य चल रहे रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र का पानी ज़ोर से अंदर आने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मछली पकड़ने के उपकरण सुरक्षित रखे गए हों।
आपदा-संभावित क्षेत्रों में रहने वालों से कहा गया है कि वे अपनी आपातकालीन किट तैयार रखें और रात के समय पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने से बचें। लोगों को तेज़ हवाओं के कारण पेड़ों के उखड़ने और बिजली के खंभों के गिरने से होने वाले हादसों को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए।
बिजली की लाइनें टूटने की संभावना को देखते हुए पानी से भरी गलियों या रास्तों में जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वहां बिजली से जुड़ा कोई खतरा तो नहीं है। सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों और छात्रों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली से जुड़े किसी भी खतरे की सूचना केरल राज्य विद्युत बोर्ड की इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दी जा सकती है।
आपातकालीन स्थिति में आम लोग टोल-फ्री नंबर 1077 और 1070 के जरिए जिला नियंत्रण कक्षों से संपर्क कर सकते हैं।
इस बीच आईएमडी ने 26 अक्टूबर तक केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगा दी है। तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कन्याकुमारी तट के पास खराब मौसम के साथ-साथ 35-45 किमी प्रति घंटे (कभी-कभी 55 किमी प्रति घंटे तक) की तेज हवाएं चलने के आसार है।
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