तिरुवनंतपुरम , मई 20 -- केरल के पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मानसून पूर्व तैयारियों के नाम पर राज्य की राजधानी में एक प्रभावशाली पेड़ कटाई गिरोह बड़े पैमाने पर सक्रिय है।
कार्यकर्ताओं के अनुसार शहर में पेड़ों की कटाई का तरीका गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उनका कहना है कि जहां सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर कुछ खतरनाक पेड़ों की छंटाई या हटाया जाना आवश्यक था, वहीं कई स्वस्थ पेड़ों और ऐसी बड़ी शाखाओं को भी काटा जा रहा है जिनसे कोई खतरा नहीं था।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का दावा है कि हालिया विधानसभा चुनावों की मतगणना के बाद शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गतिविधियां अधिक दिखाई देने लगी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केरल राज्य बिजली बोर्ड (केएसईबी), त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौन सहमति के कारण शहरभर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई जारी है।
कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से सड़कों के किनारे और मंदिर परिसरों में स्थित बरगद के पेड़ों की कटाई पर चिंता जतायी है। उनका कहना है कि ये पेड़ पारिस्थितिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
पर्यावरण संगठनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर लाभ के उद्देश्य से संचालित इस कथित पेड़ कटाई गिरोह पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने पेड़ों की कटाई से पहले निर्धारित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा अवैध एवं अनावश्यक कटाई के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित