तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 03 -- तिरुवनंतपुरम नगर निगम के माकपा पार्षद अजीन पर एक संपत्ति मालिक से 10 लाख रुपये की कथित मांग करने और रकम नहीं देने पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं के जरिए संपत्ति पर पार्टी के झंडे लगाकर निर्माण कार्य बाधित करने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज करायी गयी है।

सूत्रों के अनुसार, तृक्कण्णापुरम वार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीन पर विधायक रोड के पास पेयाड निवासी की 19 सेंट जमीन के संबंध में रकम मांगने का आरोप है। आरोपों से संबंधित बातचीत के कथित ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आयी हैं।

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में यूडीएफ संसदीय दल के नेता के. एस. सबरीनाथन ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक एवं निदेशक मनोज अब्राहम के समक्ष शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, पार्षद ने कथित तौर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में अपने पद और अधिकार का हवाला देते हुए संपत्ति मालिक से रकम की मांग की। शिकायत में आरोपों की जांच के साथ यह भी देखने का आग्रह किया गया है कि क्या कथित कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और केरल नगरपालिका अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत आता है।

शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए, 11 और 12 सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत जांच की मांग की गयी है।

संपत्ति मालिक ने आरोप लगाया है कि अजीन ने जमीन से जुड़ी कुछ सरकारी 'पुरंबोक' भूमि होने की बात कही थी और विकास तथा बिक्री के लिए मामले को सुलझाने या उसके नियमितीकरण में मदद की पेशकश की थी। आरोप है कि इसके लिए 10 लाख रुपये की मांग की गयी और रकम नहीं देने पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं को लाकर जमीन पर पार्टी के झंडे लगाकर निर्माण कार्य बाधित करने की धमकी दी गयी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पार्षद ने पुलिस और राजस्व अधिकारियों को मामले में शामिल करने तथा पुरंबोक के रूप में दर्ज जमीन से होकर गुजरने वाली नहर और जल निकासी चैनल को लेकर आपत्ति उठाने की धमकी दी।

अजीन ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संपत्ति मालिक से किसी रकम की मांग नहीं की। उनका दावा है कि वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग को संपादित कर प्रसारित किया गया है और यह सरकारी पुरंबोक भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ उनके रुख के प्रतिशोध में किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित