कोच्चि , मई 26 -- केरल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष एडवोकेट शॉन जॉर्ज ने आज श्री पिनाराई विजयन की तत्कालीन वामपंथी सरकार की ओर से नियुक्त वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बोर्ड का गठन 'वक्फ संशोधन अधिनियम 2025' के प्रावधानों का उल्लंघन कर किया गया है।

एर्नाकुलम प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री शॉन जॉर्ज ने कहा कि मौजूदा वक्फ बोर्ड की नियुक्ति में अधिनियम की धारा 14 के तहत तय किये गये जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि केरल विधानसभा में भाजपा के तीनों विधायक इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र सौंपेंगे। अगर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा कानूनी हस्तक्षेप के लिए केरल उच्च न्यायालय का रुख करेगी।

मुनंबम भूमि को 'उम्मीद' पोर्टल पर रजिस्टर्ड किये जाने का मुद्दा उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यदि वैध आपत्तियां दर्ज करायी जाएं, तो केंद्र सरकार के पास इस रजिस्टर से प्रविष्टियों को हटाने का अधिकार है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस मामले में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

श्री शॉन जॉर्ज ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड ने अधिनियम की धारा 3बी के प्रावधानों को पूरा किये बिना ही मुनंबम भूमि को पोर्टल पर दर्ज कर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ा उल्लंघन 'मुतवल्ली' (प्रबंधक) की नियुक्ति को लेकर हुआ है। इस मामले में कानूनी तौर पर प्रविष्टियों को अपलोड करने का अधिकार केवल मुतवल्ली के पास है, जो इस मामले में 'फारूक कॉलेज' है। लेकिन वक्फ बोर्ड ने किसी भी कानूनी प्रक्रिया का पालन किये बिना खुद को ही मुतवल्ली घोषित कर दिया है।

भाजपा नेता ने साफ किया कि मौजूदा वक्फ बोर्ड को नियुक्त करने वाली गजट अधिसूचना चार फरवरी को जारी की गयी थी, जो श्री पिनाराई विजयन सरकार के पद छोड़ने से ठीक पहले की बात है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा ही एक वक्फ बोर्ड मद्रास में भी बना था, जिसे मद्रास उच्च न्यायालय ने भंग करने का आदेश दिया था। इसी को देखते हुए भाजपा मांग कर रही है कि केरल सरकार इस अधिसूचना को रद्द करे। यदि ऐसा नहीं होता है तो पार्टी अदालत में याचिका दायर करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के जिला अध्यक्ष केएस शैजू, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष केडी डेमिश और जिला मीडिया सेल के संयोजक नवीन शिवन भी मौजूद रहे।

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