सुकमा , सितंबर 09 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर बुधवार को केरलापाल थाना परिसर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे लोगों की समय पर पहचान, उनसे संवाद और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

जिला स्वास्थ्य समिति ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत "बातचीत की शुरुआत करें" थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह और सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण शामिल हुए।

केरलापाल थाना प्रभारी सिराज खान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातचीत जरूरी है। किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, लगातार उदासी, अकेलापन, निराशा या असामान्य चुप्पी दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय संवाद कर सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की साइकेट्रिक सामाजिक कार्यकर्ता रीना नायडू और कम्युनिटी नर्स योगेश सिन्हा ने तनाव एवं अवसाद के शुरुआती संकेतों और सहायता के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारिवारिक परेशानी, आर्थिक दबाव, सामाजिक तनाव और लंबे समय तक अकेलापन मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में परिवार का सहयोग, संवेदनशील संवाद और समय पर काउंसलिंग महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता एवं परामर्श के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की भी जानकारी दी गई।

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