तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 23 -- केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' को पूरी तरह से राज्य में आयोजित करने की पेशकश की है।

श्री सतीशन ने कहा है कि राज्य बिना किसी तस्वीर को हटाए या किसी अपवाद के पूरी प्रदर्शनी की मेजबानी करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह पेशकश नयी दिल्ली में प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाए जाने को लेकर हुए विवाद के बीच की है।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में युवा फोटोग्राफर और उनके रचनात्मक कार्य का समर्थन करते हुए कहा, "केरलम को रेहान वाड्रा की 'नो आइडिया इज फाइनल' प्रदर्शनी की पूरी मेजबानी करने में खुशी और गर्व होगा। न कोई तस्वीर हटाई जाएगी और न ही कोई अपवाद होगा।"उन्होंने यह पेशकश राष्ट्रीय राजधानी के बीकानेर हाउस में आयोजित प्रदर्शनी को लेकर उठे विवाद के बीच की है। आरोप है कि प्रदर्शनी के निर्धारित उद्घाटन से कुछ समय पहले रेहान वाड्रा को बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया था।

इस मामले ने कलात्मक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और सार्वजनिक प्रदर्शनी स्थलों पर प्रदर्शित की जा सकने वाली सामग्री तय करने में संस्थानों की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है।

रेहान, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के पुत्र हैं। वह अपनी फोटोग्राफी के लिए जाने जाते हैं, जिसमें वन्यजीवों, अमूर्त चित्रों तथा सामाजिक और राजनीतिक घटनाक्रमों जैसे विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है।

'नो आइडिया इज फाइनल' शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में उनके फोटोग्राफी संबंधी कार्यों के विभिन्न पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, रेहान ने कहा कि उन्हें प्रदर्शनी के लिए चुनी गई 105 तस्वीरों में से 74 को हटाने के लिए कहा गया था। इस संग्रह में वन्यजीवों की तस्वीरों और अमूर्त कलाकृतियों के अलावा हाल के युवा आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को दर्ज करने वाली सड़क पर खींची गई तस्वीरें भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक घटनाओं को दर्ज करने वाली तस्वीरों का उद्देश्य राजनीतिक संदेश देना नहीं, बल्कि उन घटनाओं को दर्शाना था, जिन्हें उन्होंने स्वयं देखा था। हालाँकि, उनकी कुछ तस्वीरों पर उठाई गई आपत्तियों ने कलात्मक अभिव्यक्ति के सवाल को चर्चा का केन्द्र बना दिया है।

रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनी स्थल के प्रबंधन ने कहा कि विवादित तस्वीरें उसकी प्रदर्शनी संबंधी नीति के अनुरूप नहीं थीं।

श्रीमती वाड्रा ने अपने बेटे के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति की अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिश अंततः ऐसा करने वालों के अधिकार को ही कमजोर कर सकती है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "जब कोई शक्तिशाली व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे इसका एहसास नहीं होता, लेकिन वह उस शक्ति को पहले ही खो चुका होता है, जिसे बचाने की वह कोशिश कर रहा है।"उन्होंने कहा, "आप सच्चाई के लिए खड़े हैं और हर खूबसूरत चीज खुद-ब-खुद आप तक पहुंच जाएगी। मुझे आप पर गर्व है और हमेशा रहेगा।" इस तरह उन्होंने विवाद के बीच रायहान के प्रति अपना व्यक्तिगत समर्थन व्यक्त किया।

पूरी प्रदर्शनी की मेजबानी करने की श्री सतीशन की पेशकश ने इस बहस को राजनीतिक रंग दे दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य पूरी प्रदर्शनी के आयोजन के लिए जगह उपलब्ध कराने को तैयार है और तस्वीरों को हटाकर प्रदर्शित करने की शर्त स्वीकार नहीं करेगा।

इस विवाद ने इस व्यापक सवाल की ओर भी ध्यान खींचा है कि समकालीन सामाजिक और राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाने वाली कलाकृतियों का आकलन प्रदर्शनी स्थल किस तरह करते हैं, खासकर तब, जब वृत्तचित्र फोटोग्राफी संवेदनशील सार्वजनिक मुद्दों से जुड़ती है।

एक अन्य पोस्ट में श्री सतीशन ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आगामी पुस्तक 'बिलॉन्गिंग : ए जर्नी ऑफ लव' के प्रति अपनी उत्सुकता भी जाहिर की। उन्होंने इसे एक ऐसी व्यक्तिगत कृति बताया, जिसमें प्रेम, कर्तव्य, बिछड़ने के दुख और अपना घर कहने के लिए एक जगह तलाशने जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा, "मैं श्रीमती सोनिया गांधी जी की पुस्तक 'बिलॉन्गिंग : ए जर्नी ऑफ लव' का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। प्रेम, कर्तव्य, बिछड़ने के दुख और अपना घर कहने के लिए एक जगह की तलाश की पड़ताल करने वाली यह कहानी निश्चित रूप से कई लोगों के दिलों को छूएगी। इस बेहद व्यक्तिगत और अर्थपूर्ण कृति को पढ़ने के लिए उत्साहित हूं।"श्रीमती गांधी के सार्वजनिक जीवन और व्यक्तिगत यात्रा की सराहना करते हुए श्री सतीशन ने कहा, "आपका दृढ़ संकल्प, गरिमा और जीवन यात्रा हमेशा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। सोनिया जी, आपको मेरी शुभकामनाएं।"श्री सतीशन ने कांग्रेस पार्टी की उस पोस्ट को भी साझा किया, जिसमें श्रीमती गांधी के इंस्टाग्राम पर पदार्पण की घोषणा की गयी थी। इस पोस्ट के साथ उनकी पुस्तक 'बिलॉन्गिंग : ए जर्नी ऑफ लव' की पहली झलक भी साझा की गई थी।

कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा, "एक नया अध्याय, कहानियां साझा करने का एक नया तरीका।" पार्टी ने पुस्तक को प्रेम, कर्तव्य, बिछड़ने के दुख और अपना घर कहने के लिए एक जगह तलाशने की कहानी बताया।

पार्टी ने इस कृति को दिल को छू लेने वाली ऐसी यात्रा बताया, जो लंबे समय तक आपके साथ रहेगी। पुस्तक को रिश्तों, जीवन के अनुभवों और अपनेपन के अर्थ पर केंद्रित एक व्यक्तिगत कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

श्री सतीशन की इन दोनों पोस्ट से रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी को लेकर उठे विवाद के बीच कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रति उनका समर्थन और सोनिया गांधी की आगामी पुस्तक के प्रति उनकी सराहना जाहिर होती है। साथ ही, ये दोनों घटनाक्रम व्यक्तिगत अभिव्यक्ति, रचनात्मक स्वतंत्रता और कहानी कहने की कला से जुड़े व्यापक संदर्भ को भी सामने लाते हैं।

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