तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 22 -- केरलम सरकार ने राज्य में जारी भारी बारिश और मौसम विभाग (आईएमडी) की चेतावनियों के मद्देनजर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कई पर्यटन स्थलों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।

आईएमडी द्वारा एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझीकोड जैसे कई जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही जब तक ये चेतावनी वापस नहीं ले ली जातीं, तब तक 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।

ये पाबंदियां उन जिलों में तो लागू होंगी ही जहां 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है लेकिन यह उन पड़ोसी जिलों में भी लागू होंगी जहां व्यापक बारिश हो रही है। गुरुवार को जारी निर्देशों के अनुसार पर्वतीय इलाकों में, जहां भूस्खलन का खतरा है, वहां भी बारिश कम होने तक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जानी चाहिए।

आईएमडी ने 22 अक्टूबर के लिए एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। यहां कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान आने का अनुमान है। बहुत भारी बारिश का मतलब 24 घंटे के भीतर 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश होना है।

इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में गुरुवार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं शुक्रवार के लिए तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, पलक्कड़, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। पर्यटन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर खासकर जोखिम वाले पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाएं। साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यात्रा पर जरूरी पाबंदियां भी लागू करें।

अन्य राज्यों और विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी मौसम संबंधी चेतावनियों के बारे में सूचित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए। पर्यटकों के बीच आपातकालीन संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि खतरनाक स्थिति में फंसे या कहीं अटक गए लोगों को मदद मिल सके।

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