तिरुवनंतपुरम , मई 07 -- केरल विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की शानदार जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर कांग्रेस के भीतर आंतरिक संघर्ष तेज हो गया है और विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में मशाल जुलूस निकाले और प्रदर्शन किये हैं।
श्री सतीशन के समर्थकों ने कई जिलों में प्रदर्शन किये और सार्वजनिक रूप से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह सार्वजनिक लामबंदी ऐसे समय में हो रही है, जब कांग्रेस आलाकमान तिरुवनंतपुरम और दिल्ली में बंद कमरों में विचार-विमर्श कर रहा है।
खबरों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि चुनावी जीत के तुरंत बाद नेतृत्व की लड़ाई सड़कों पर आना अनुशासनहीनता के रूप में देखी जा रही है। पार्टी आलाकमान सोशल मीडिया अभियान और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के कार्यालय को ई-मेल भेजने जैसी गतिविधियों को गंभीरता से ले रहा है।
श्री सतीशन के समर्थक जमीनी स्तर पर उनके लिए भारी समर्थन का दावा कर रहे हैं, जबकि पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के समर्थकों का कहना है कि नवनिर्वाचित विधायकों का बहुमत पार्टी महासचिव के साथ है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार,राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ श्री वेणुगोपाल के करीबी समीकरण और केरल इकाई में उनके संगठनात्मक प्रभाव ने उनकी स्थिति को मजबूत किया है। पार्टी पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक द्वारा विधायकों से की गयी व्यक्तिगत चर्चा में भी यह संकेत मिले हैं कि विधायकों का एक बड़ा हिस्सा श्री वेणुगोपाल के पक्ष में है।
अब यह मुकाबला श्री सतीशन, श्री वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के बीच त्रिकोणीय शक्ति संघर्ष में बदल गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पार्टी के दिग्गज नेता ए. के. एंटनी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बाद श्री एंटनी की राय को कांग्रेस आलाकमान में सबसे अधिक वजन दिया जाता है।
सूत्राें और राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, श्री एंटनी मुख्यमंत्री पद के लिए श्री चेन्निथला का पक्ष ले सकते हैं। वह श्री चेन्निथला के लंबे प्रशासनिक अनुभव, वरिष्ठता और संगठनात्मक पृष्ठभूमि को प्राथमिकता दे सकते हैं। पूर्व केरल कांग्रेस अध्यक्ष वी. एम. सुधीरन भी कथित तौर पर इस विचार का समर्थन कर रहे हैं कि नेतृत्व किसी अनुभवी नेता को मिलना चाहिए। श्री एंटनी का मानना है कि कांग्रेस को एक ऐसे अनुभवी प्रशासक की जरूरत है, जो गुटीय राजनीति से ऊपर उठकर सरकार का नेतृत्व कर सके।
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