पालक्काड , मार्च 17 -- केरल के दिवंगत मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन के पूर्व निजी सहायक (पीए) रह चुके ए. सुरेश मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए।

उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी ) कार्यालय में अध्यक्ष ए. थंकप्पन से पार्टी की सदस्यता ली, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्हें तिरंगा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

मीडिया से बातचीत में श्री सुरेश ने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो "सांप्रदायिक ताकतों" का मुकाबला करने में सक्षम है। उन्होंने घोषणा की कि वह नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में मालम्पुझा सीट से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर आरोप लगाया कि पार्टी अपनी वैचारिक पहचान खो चुकी है और अब "सत्ता पसंद" और "पार्टी पसंद" गुटों में बंटी हुई है, जिसमें सत्ता पसंद समूह हावी है। मालम्पुझा में उनका मुकाबला मौजूदा विधायक ए. प्रभाकरण से होगा, जो वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उम्मीदवार हैं।

इससे पहले श्री सुरेश 17 फरवरी को पालक्काड में यूडीएफ की "पुथुयुग यात्रा" के दौरान विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन के साथ मंच साझा कर चुके हैं।

बताया जाता है कि श्री सुरेश पहले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। यह फैसला इस आशंका के बीच लिया गया कि एंटी-इनकंबेंसी वोटों के बंटने से भाजपा को फायदा हो सकता है, जो 2021 के चुनाव में एलडीएफ के बाद दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि यूडीएफ तीसरे स्थान पर था।

पालक्काड जिले की मालम्पुझा सीट, जो माकपा का गढ़ मानी जाती है, का प्रतिनिधित्व 2001 से 2021 तक दिवंगत नेता वी.एस. अच्युतानंदन करते रहे। श्री सुरेश इस दौरान उनके साथ करीब से जुड़े रहे।

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