आलिराजपुर , अप्रैल 25 -- मध्य प्रदेश के आलिराजपुर जिला मुख्यालय पर 22 अप्रैल को प्रदेश के केबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान के भाई इंदरसिंह चौहान ने महिला अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रिया कांग को धमकाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त बातें शनिवार को स्वंय प्रिया काग ने बतायी। उन्होंने कहा कि इंदर सिंह चौहान इसलिये नाराज थे कि आलिराजपुर में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह के अंतर्गत कुछ विवाहित दंपतियों के नाम भी शामिल कराने के लिये आवेदन दिये गये थे। श्रीमती काग ने जांच करने के बाद ऐसे अपात्र आवेदनों को निरस्त कर दिया। जिस पर से इंदर सिंह भडक गये। ज्ञातव्य है कि इंदर सिंह की पत्नी जिला पंचायत आलिराजपुर की अध्यक्षा है।

कार्यालय के कर्मचारीयों ने बीच बचाव किया, मामले में पुलिस में प्राथमकी दर्ज करायी गयी। जिस पर इंदर सिंह चौहान के विरुद्ध धारा भारतीय न्याय संहित के तहत 132, 224, 221, 351, 2 और 126, 2 में मामला पंजीबद्ध किया गया।

पुलिस अधीक्षक रघुवंशसिंह भदौरिया ने बताया कि इंदरसिंह को मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत मिल गई।

इस मामले में मंत्री नागरसिंह चौहान ने कहा की उनका उनके भाई से कोई लेना देना नहीं है, हम अलग-अलग भी रहते है। ज्ञातव्य है कि इंदर सिंह द्वारा पूर्व में भी सहकारी समिति के सेल्समैन के साथ मारपीट का मामला सामने आ चुका है, कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे हटाने को लेकर भी उनके ऊपर सवाल उठे है।

कांग्रेस के पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने कहा की भाजपा नेताओं के सिर पर सत्ता का घमंड चढ़ गया है। जिसके कारण उनके मंत्री, विधायक और नेताओं के रिश्तेदार आये दिन ऊलजलूल हरकतें करते रहते है। जनता सब देख रही है समय आने पर इसका जवाब उनको मिलेगा।

प्रदेश में मंत्री विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय और हाल ही में विधायक प्रीतम सिंह लोधी के पुत्र और उनके बयानों की आग अभी थमी भी नहीं थी की अब आलिराजपुर से भाजपा के मंत्री के भाई की दंबगई का मामला सामने आया है। भाजपा अनुशासन वाली पार्टी है ऐसे नेताओं पर पार्टी कब कार्रवाई कर पायेगी यह भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।

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