प्रयागराज, जुलाई 12 -- उत्तर प्रदेश के केबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने मौत को मात देकर आज अपना पुनर्प्राप्त जन्म दिवस प्राचीन मनोकामनापूर्ति मंदिर में सपरिवार और हजारों समर्थकों के साथ रुद्राभिषेक पूजन कर मनाया वही आसपास के जनपदों, विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचें।

सोलह वर्ष पूर्व यानी 12 जुलाई 2010 का दिन था। वर्तमान में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर शहर के बहादुरगंज में रिमोट कंट्रोल आरडीएक्स बम से हमला हुआ था। जिसमें एक सुरक्षा कर्मी और एक पत्रकार को मौत हो गई थी। वहीं मंत्री नन्दी बम ब्लास्ट में गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। हजारों समर्थकों और चाहने वालों के स्नेह और आशीर्वाद के बल पर लगातार चार महीने इलाज के बाद वे स्वस्थ हुए थे। तब से लेकर अब तक प्रत्येक वर्ष मंत्री नन्दी 12 जुलाई को अपना 'पुनर्प्राप्त जन्मदिवस' मनाते हैं।

प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मंत्री नन्दी 12 जुलाई को अपने परिवार, हजारों समर्थकों, कार्यकर्ताओं के साथ पुनर्प्राप्त जन्म दिवस मनाए। आज12 जुलाई को दिन में 11बजे मंत्री नन्दी ने बहादुरगंज स्थित प्राचीन मनोकामना पूर्ति मंदिर में रुद्राभिषेक और प्रसाद वितरण किया। जिसमें बड़ी संख्या में शहर के साथ ही गंगापार, यमुनापार, कौशांबी, प्रतापगढ़ के साथ ही विभिन्न जनपदों के हजारों लोग सम्मिलित होंगे। मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी को मनोकामना पूर्ति मंदिर से अटूट आस्था है।गौरतलब है कि 12 जुलाई 2010 में बहादुरगंज के इसी मंदिर (जहां आज रुद्राभिषेक हुआ) इसी के सामने नंदी पर बम ब्लास्ट हुआ था। और वो गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। लंबे इलाज के बाद वह स्वस्थ हुए थे।

मंत्री नंदी का मानना है कि अगर आज वो यहां तक पहुंचे हैं और जीवित हैं तो इसी मंदिर की वजह से उनका इस मंदिर और शंकर भगवान में अटूट आस्था है, वार्ता से बात करते हुए मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि उसके बाद से ही हर साल वो 12 जुलाई को वो अपना 'पुनर्प्राप्त जन्मदिवस' मनाते हैं।प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी का जीवन शुरू से चुनौतियों भरा रहा।

इलाहाबाद के बहादुरगंज मुहल्ले में 23 अप्रैल 1974 को जन्मे नन्दी के पिता सुरेश चंद्र डाक विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। मां विमला देवी घर में सिलाई, बुनाई करती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते नंदी सिर्फ इंटरमीडिएट तक ही पढ़ सके। वह बचपन में पटाखा, रंग-गुलाल की दुकान लगाते थे। मोहल्ले में सबसे पहले उनके घर में टेलीविजन आया तो बच्चों को पचास पैसे में उन्होंने महाभारत भी दिखाई। आर्थिक स्थिति सुधरने पर 1992 में मिठाई की दुकान लगाई।

इसके बाद ट्रक लिया और फिर घी और दवाओं की एजेंसी ली। 1994 में रिश्तेदार के साथ ईट भट्टे का व्यापार शुरू किया। आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने पर नन्दी ग्रुप ऑफ कंपनीज बना ली। इसी बीच शुरू हुआ उनका सियासी सफर वर्ष 2007 में बसपा के साथ मिलकर सियासी पारी खेलने उतरे नन्दी ने शहर दक्षिणी से चुनाव जीता। उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता केशरी नाथ त्रिपाठी और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को हराया। इनाम के रूप में बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया। उसके बाद 12 जुलाई 2010 को जानलेवा हमले के बाद चार महीने नन्दी हॉस्पिटल में भर्ती रहे।

वर्ष 2012 के चुनाव में नंदी समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्याशी हाजी परवेज अहमद से 414 मतों से पराजित हुए। इसके बाद उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता 2012 में हुए नगर निगम चुनाव में महापौर चुनी गई। 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हुए और सपा विधायक परवेज अहमद टंकी को हराकर एक बार फिर कैबिनेट मंत्री का पद हासिल किया।और भी वो भाजपा सरकार में मंत्री है।वही आज उनके जन्मदिन पर हंसराज रघुवंशी एवं स्वाति मिश्रा ने अपने भजनों की प्रस्तुति दिया लोगो को अपनी प्रस्तुति से बांधें रखा।भजन क्लबिंग ग्रुप रहस्य एवं कृष्णा संस्कार ग्रुप द्वारा भी भजनों की प्रस्तुति की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए सुलाकी चौराहा एवं चन्द्रलोक चौराहा पर भव्य मंच बनाया जा गया।

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