नयी दिल्ली , जुलाई 27 -- केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कृत, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'सम्राट खारवेल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है।

सोमवार को यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्री दिगम्बर जैन समाज, कृष्णा नगर, दिल्ली की ओर से आयोजित कलिंग सम्राट राजा खारवेल 2200वीं जयंती महोत्सव (2026-27) के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रसंत परमाचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर जी मुनिराज के 28वें पावन वर्षायोग के मंगल कलश स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समारोह परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज (संघस्थ 25 पिच्छी) के पावन सान्निध्य तथा जगद्गुरु स्वस्ति श्री चारुकीर्ति पंडिताचार्य भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी जी, श्रवणबेलगोला की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथियों में केंद्रीय राज्य मंत्री, डॉ. हर्ष मल्होत्रा, राज्यसभा सांसद (एनसीपी) राजेन्द्र जैन, महाराष्ट्र सरकार में राज्य मंत्री ललित गांधी तथा यमुनापार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंद्र सिंह लवली सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।

सम्मान प्राप्त करने के उपरांत प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वित कर वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए संस्कृत के माध्यम से ज्ञान-विज्ञान के नये आयाम स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को समर्पित इस भव्य समारोह में देशभर से आए संत-महात्माओं, विद्वानों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। समारोह में कलिंग सम्राट राजा खारवेल की गौरवशाली विरासत, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और जैन दर्शन के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया गया।

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