देहरादून , अप्रैल 08 -- उत्तराखंड सरकार आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार केदारनाथ हेली शटल सेवा को पूरी तरह हाईटेक बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हेली सेवाओं में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर, पारदर्शी और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।
आगामी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली शटल सेवाएं भी प्रारंभ हो जाएंगी। इस वर्ष हेली सेवाओं की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सिस्टम तैयार किया गया है। यात्रा मार्ग के हेलीपैड पर तीन वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (वीएचएफ) सेटअप स्थापित किए गए हैं, जबकि तीन अतिरिक्त वीएचएफ सिस्टम बैकअप के रूप में रखे गए हैं।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग (युकाड़ा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आइएएस डा आशीष चौहान ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान आठ हेलीपैड से संचालित होने वाली केदारनाथ हेली सेवा पर पैनी नजर रखने के लिए यूकाडा द्वारा 18 पैन-टिल्ट-जूम लगाए जा रहे हैं। इनमें से 12 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष छह पर कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि इन कैमरों के माध्यम से उड़ानों की गतिविधियों पर रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। इसके अलावा, सभी हेलीकॉप्टरों में लाइव ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य किए गए हैं। इससे किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर की लोकेशन तुरंत ट्रैक कर रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से अंजाम दिया जा सकेगा।
डा चौहान ने बताया कि मौसम की सटीक जानकारी के लिए सहस्त्रधारा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, सीतापुर, झाला और खरसाली में ऑटोमेटिक वेदर ऑब्जर्विंग सिस्टम और सेलोमीटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनसे पायलट और कंट्रोल रूम को समय पर मौसम अपडेट प्राप्त होंगे, जिससे उड़ानों का संचालन सुरक्षित ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ, बद्रीनाथ, सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल केंद्र संचालित रहेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सहस्त्रधारा और सिरसी में एटीसी सक्रिय हैं, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ में भी जल्द ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी। एटीसी के माध्यम से मौसम, उड़ान समय, देरी या रद्दीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तत्काल साझा की जाएगी, जिससे यात्रियों को पूर्व सूचना मिल सकेगी।
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