लखनऊ , जनवरी 12 -- लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) का विवादों से पीछा नही छूट रहा है। डॉ रमीज उद्दीन नायक की गिरफ्तारी के बाद सामने आ रहे उसके पीएफआई कनेक्शन के बाद मामले में आगे की जांच यूपी एसटीएफ ने अपने हाथ मे ले ली है। एसटीएफ पूरे मामले की जांच करने के साथ विवि परिसर में संचालित हो रही अन्य गतिविधियों को भी खंगालेगी।
प्रकरण को यूपी एसटीएफ द्वारा हाथ मे लिए जाने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने पीड़ित छात्रा के मामले की जांच के लिए गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को भंग कर दिया है। विवि के मीडिया प्रभारी प्रो केके सिंह का कहना है कि विवि की तरफ से धर्मांतरण सहित पूरे मामले की जांच के लिए एसटीएफ से अनुरोध किया गया था। एसटीएफ ने जांच हाथ मे ले ली है। इसलिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को भंग कर दिया गया है।
गौरतलब है कि केजीएमयू से एमडी पैथोलॉजी कर रही एक छात्रा ने अपने वरिष्ठ पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था। मामला के तूल पकड़ने के बाद प्रकरण की जांच के लिए केजीएमयू ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी। इस बीच पुलिस की तरफ से आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक और उसके माता पिता को गिरफ्तार कर लिया था।
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