कोलकाता , जून 02 -- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ईएम बाईपास के पास आनंदपुर में एक अस्थायी बाजार चलाने वाले 130 से अधिक फेरी वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया गया है कि कोलकाता नगर निगम के एक पार्षद और उनके सहयोगियों ने दुकानों के आवंटन के बदले व्यापारियों से करोड़ों रुपये की जबरन वसूली की है।

इस शिकायत के आधार पर आनंदपुर थाने की पुलिस ने केएमसी के वार्ड नंबर 108 के पार्षद श्री सुशांत कुमार घोष और उनके सहयोगियों श्री सुजीत कुमार तथा श्री गोपाल मल्लिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांचकर्ताओं ने इन आरोपों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, रूबी अस्पताल के पीछे स्थित एक बाजार में शटर से सुसज्जित नवनिर्मित टीन की छत वाली दुकानों के लिए व्यापारियों को कथित तौर पर प्रत्येक दुकान के लिए लगभग 6 लाख रुपये देने के लिए मजबूर किया गया था। फेरीवालों ने यह भी आरोप लगाया कि दुकानों की लागत के अलावा उनसे अन्य अनधिकृत वसूली भी की गई थी।

व्यापारियों ने दावा किया है कि इस कथित जबरन वसूली रैकेट के माध्यम से 2022 और 2023 के बीच दुकानदारों से करीब 3 करोड़ रुपये वसूले गए थे।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और जांचकर्ता इन आरोपों के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

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