नयी दिल्ली , अप्रैल 08 -- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) को मंजूरी दे दी है। यह 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर राजस्थान की राजधानी में शहरी संपर्क को बढ़ाने और यातायात के दबाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक बनने वाले इस कॉरिडोर पर कुल 13,037.66 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस पूरे रूट पर 36 स्टेशन होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लागू किया जाएगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार का 50:50 की हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम है।
यह कॉरिडोर जयपुर के प्रमुख आर्थिक और आवासीय केंद्रों को जोड़ेगा, जिनमें सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआई क्षेत्र, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट जोन में भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि फेज-1 कॉरिडोर के साथ इसे इंटरचेंज और फीडर सिस्टम के जरिए जोड़ा जाएगा ताकि एक एकीकृत मेट्रो नेटवर्क तैयार हो सके।
वर्तमान में जयपुर मेट्रो का फेज-1 कॉरिडोर मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किमी लंबा है, जिसमें प्रतिदिन करीब 60,000 यात्री सफर करते हैं। फेज-2 के जुड़ने से यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
परियोजना के लिए धन केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी, अधीनस्थ ऋण और बहुपक्षीय वित्तपोषण के माध्यम से जुटाई जाएगी। यह परियोजना राजस्थान ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी-2025 और टिकाऊ शहरी परिवहन के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
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