नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- केंद्र सरकार ने देश में गेहूं की उपलब्धता की अच्छी स्थिति के मद्देनजर इसकी भंडारण सीमा के बारे में पिछले साल जारी आदेश को वापस लेने की घोषणा की है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि निजी क्षेत्र के कारोबारियों के पास इस समय गेहूं का भंडार पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। यह फिलहाल 81 लाख टन है जो एक साल पहले के मुकाबले 30 लाख टन अधिक है।

केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को गेहूं की जमाखोरी को रोकने के लिए 27 मई 2025 को भंडारण की सीमा तय करने संबंधी आदेश जारी किया था।

मंत्रालय का कहना है कि इस समय बाजार में गेहूं के थोक मूल्य में नरमी का रुख है और कीमतें पिछले साल के 2,970.10 रुपये से घटकर 2,852.30 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास हैं।

वर्तमान रबी सत्र में गेहूं का रकबा भी बढ़ा है। यह 334.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। पिछले साल इस समय तक यह 328.04 लाख हेक्टेयर था।

सरकार ने कहा है कि उसके पास जन वितरण प्रणाली की राशन की दुकानों के लिए भी पर्याप्त गेहूं उपलब्ध है।

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