कोलकाता , मई 21 -- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की 500 कंपनियों की तैनाती 20 जून तक बढ़ा दी है।

यह निर्णय पश्चिम बंगाल सरकार के उस अनुरोध के बाद लिया गया, जिसमें संभावित चुनाव बाद हिंसा और राजनीतिक अशांति की आशंका जताते हुए केंद्रीय बलों को राज्य में बनाए रखने की मांग की गई थी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने इससे पहले राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अक्टूबर तक केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का आग्रह किया था। केंद्र ने राज्य सरकार के अनुरोध की समीक्षा के बाद तैनाती अवधि केवल 20 जून तक बढ़ाने को मंजूरी दी और राज्य द्वारा मांगी गई लंबी अवधि को स्वीकृति नहीं दी।

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तैनात रहने वाली केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 500 कंपनियों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 200 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 150 कंपनियां तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 50-50 कंपनियां शामिल होंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को बलों की तैनाती को लेकर कुछ निर्देश भी जारी किए हैं।

राज्य सरकार को केंद्रीय बलों के लिए परिवहन, आवास, भोजन और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं सहित सभी प्रकार की रसद सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। इन सभी व्यवस्थाओं का खर्च और जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

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